प्रमुख खबरें - 23 September, 2019

कुछ दिन बाद नासा जारी कर सकता है लैंडर विक्रम की लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर द्वारा खींची तस्वीरें

नासा की ओर से अगले सप्ताह चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की तस्वीरें जारी की जाएगी। बीते मंगलवार को चंद्रमा से गुजरने के दौरान लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर ने ये तस्वीरें खींची है। #chandrayaan2

नासा की ओर से अगले सप्ताह चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की तस्वीरें जारी की जाएगी। बीते मंगलवार को चंद्रमा से गुजरने के दौरान लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर ने ये तस्वीरें खींची है। फिलहाल नासा इन तस्वीरों का अध्ययन कर रहा है। तस्वीरों में लैंडर विक्रम से संबंधित कुछ सबूत मिलें हैं। मगर जब तक नासा इन पर पुख्ता नहीं हो जाएगा कुछ भी कह पाना मुश्किल है मगर अगले सप्ताह जो भी होगा नासा की ओर से जानकारी दी जाएगी।

नासा के लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter)ने इस सप्ताह उस क्षेत्र में उड़ान भरी, लेकिन सूरज की रोशनी कम होने की वजह से वो लैंडर की साफ तस्वीरें नहीं खींच सका। वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबी छाया में विक्रम छिपा हो सकता है। यदि रोशनी ठीकठाक होती तो उसकी साफ तस्वीरें देखने को मिल सकती थीं। मगर कुछ ऐसी चीजें दिखीं है उनका अध्ययन किया जा रहा है।

दरअसल विक्रम को 14 पृथ्वी दिनों के लिए संचालित करने के लिए हिसाब से डिजाइन किया गया था, पृथ्वी का एक दिन चंद्रमा पर 14 दिनों के बराबर है, इसके अलावा वहां के तापमान में भी काफी अंतर है। जिस जगह पर लैंडर को उतरना था वहां का तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है, इस वजह से वैज्ञानिकों का ये कहना था कि यदि ये 14 दिन शुरू होने से पहले लैंडर की लोकेशन का पता चल गया तो बेहतर रहेगा मगर यदि इन 14 दिनों की शुरुआत हो गई और ये उपकरण वहां के तापमान की चपेट में आ गए तो समस्या होगी। अब चूंकि लैंडर की लैंडिंग भी सही तरीके से नहीं हुई है इस वजह से और भी नकारात्मक संभावनाएं सामने आ रही हैं।

भारत ने चंद्रयान -2 के साथ विक्रम नाम के लैंडर को भेजा था, चंद्रमा की धरती को छूने से पहले ही इसका भी इसरो से संपर्क टूट गया। इसे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक उतरना था मगर वो उसमें कामयाब नहीं हो पाया। नासा के लूनर रीकॉन्सेन्स ऑर्बिटर ने इस सप्ताह उस जगह से उड़ान भरी जहां पर लैंडर विक्रम के होने की संभावना थी। लेकिन सूरज की रोशनी कम होने और लंबी छाया होने की वजह से विक्रम साफ तौर पर नहीं दिख पाया। उसके बाद भी नासा ने वहां की तस्वीरें खींची हैं। अब वो उन तस्वीरों का अध्ययन कर रहा है जिसे अगले सप्ताह जारी किया जा सकता है। विक्रम को 14 पृथ्वी दिनों के लिए संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जब तक कि सूर्य अस्त और चंद्र रात्रि को इसके उपकरणों को फ्रीज नहीं किया गया। वह समय सीमा अब आ गई है, और विक्रम से संपर्क करने का प्रयास असफल रहा है। 

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