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ग्‍वालियर

6 माह में ग्वालियर की सड़कों से 2 करोड़ की गाड़ियां चोरी

ग्वालियर/-  लाख कोशिश करने के बाद भी पुलिस शहर की सड़कों से चोरी होते वाहनों को नहीं रोक पा रही है। बीते 6 माह में 2 करोड़ रुपए के दोपहिया, चार पहिया वाहन शहर की सड़कों से चोरी हो चुके हैं। पड़ोसी प्रदेश व शहरों से आए वाहन चोर शहर में ही रहकर हर रोज 2 से 3 वारदातों को अंजाम दे रहे हैं पर पुलिस के मुखबिर तंत्र के पास कोई भी खबर नहीं है। एसपी ग्वालियर ने वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए कई बार थाना प्रभारियों को दिशा निर्देश दिए हैं।

हर दिन 2 से 3 वाहन चोरी

-जिले से प्रत्येक दिन 2 से 3 दोपहिया वाहन चोरी हो रहे हैं। साथ ही हर 8 वें दिन एक चार पहिया या तीन पहिया वाहन चोरी होता है। बीते 6 महीने में करीब 500 वाहन चोरी हुए हैं। जिनकी अनुमानित कीमत 2 से सवा दो करोड़ रुपए बताई गई है।

पड़ोसी राज्यों, शहरों की गैंग सक्रिय

शहर में इस समय पड़ोसी राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश और शहरों झांसी, धौलपुर, मुरैना, भिंड के गिरोह सक्रिय हैं। यह किराए पर मकान लेकर भिंड रोड या मुरैना रोड पर हाईवे से लगी कॉलोनियों में रहते हैं। वाहन चोरी करने के बाद यहां किराए के मकानों में चोरी के वाहन छिपाकर रखते हैं और दो से तीन दिन बाद इन्हें निकालकर ले जाते हैं। मकान मालिकों द्वारा किराएदारों का वैरीफिकेशन नहीं कराने से यह पकड़ में नहीं आते।

पहले रैकी फिर वारदात

वाहन चोरी की वारदातों में सभी गिरोहों का पैटर्न एक जैसा है। दो समूह में गिरोह काम करता है। एक रैकी करता है और दूसरा वाहन को चोरी करता है। चोरी करने वाला समूह ही वाहन को ठिकाने लगाता है। काम के हिसाब से सभी का कमीशन रहता है। गिरोहों का टारगेट पर ऐसे वाहन होते हैं, जिनमें व्हील लॉक नहीं लगा हो।

कोचिंग सेंटर, अस्पताल व स्टेशन पर नजर

चोर गिरोहों के निशाने पर ऐसे इलाके रहते हैं जहां लोग जल्दबाजी में वाहन खड़े करते हैं। पुलिस के आंकड़ों पर नजर डाले तो सबसे ज्यादा वाहन कोचिंग सेंटर, प्राइवेट व सरकारी अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और पार्क व होटलों के बाहर से चोरी होते हैं।

वाहन चोर पकड़े गए हैं

वाहन चोर पिछले दिनों पकड़े गए हैं और नए गिरोह सक्रिय हुए हैं तो उनकी धरपकड़ के लिए मैदानी अमले को निर्देश जारी किए गए हैं।

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