Powered By डॉ.राहुल रंजन
देश

नोटबंदी पर पीएम मोदी ने फिर भरी हुंकार, बोले-अब बढ़ेंगी बेईमानों की तकलीफें

मुंबई : अपने एकदिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई तट पर स्थित अरब सागर के एक द्वीप पर छत्रपति शिवाजी स्मारक की आधारशिला रखी। इस मौके पर पीएम ने कालाधन रखने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब भी समय है कि ऐसे लोग कानून का पालन करें। पीएम ने कहा कि आने वाला समय बेईमानों की बर्बादी का है। 

पीएम ने नोटबंदी के अपने फैसले पर कहा, 'आठ नवंबर को रात आठ बजे हमने बहुत बड़ा हमला बोल दिया। कालाधन भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक बिगुल बजा दिया। सवा सौ करोड़ भारतीयों ने तकलीफ झेली लेकिन एक पल के लिए मेरा साथ नहीं छोड़ा। उन्हें भ्रमित, डराने के प्रयास हुए। लोगों ने देश के भलाई के लिए हमारे इस निर्णय का साथ दिया। मैंने गोवा में कहा था लड़ाई सामान्य नहीं है। 70-70 साल तक जिसने मलाई खायी है वे हर तरकीब अपनाएंगे कि नोटबंदी सफल न हो। देश कभी हार नहीं सकता। सवा सौ करोड़ ऐसे मुठ्टी भर लोगों से हार नहीं सकता।'

 

 

पीएम ने कहा, 'मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं कि 50 दिन तक तकलीफ होती रहेगी। देशवासियों ने देश के भविष्य के लिए इन तकलीफों को झेला है। आगे जो भी तकलीफ आएगी मुझे विश्वास है कि देश उसे भी झेलेगा। 50 दिन के बाद ईमानदार लोगों की तकलीफ कम होना शुरू होगी और बेईमानों की तकलीफ बढ़नी शुरू होगी। बेईमानी करने वाले लोगों को मैं आज भी कहना चाहता हूं कि संभल जाइए, कानून का पालन कीजिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं।'
 
पीएम ने कहा, 'आने वाला समय बेईमानों की बर्बादी का है।'

पीएम ने कहा कि विकास ही सभी समस्याओं को समाधान है। देश के गरीबों को हक दिलाने की ताकत विकास में है। सभी को अवसर विकास ही देश सकता है। आजादी के 70 साल बाद भी विकास का रास्ता नहीं अपनाया गया। विकास के रास्ते पर चले होते तो आज कोई समस्या नहीं होती।

पीएम ने कहा, '2014 लोकसभा चुनाव में रायगढ़ आकर छत्रपति शिवाजी को नमन किया। शिवाजी केवल युद्ध तक सीमित नहीं थे बल्कि कुशल प्रशासक भी थे। छत्रपति शिवाजी ने पर्यटन बढ़ाने के लिए भी नायाब काम किया। इस देश का दुर्भाग्य है कि हम ताजमहल के बाहर निकल नहीं पाए। ताजमहल के अलावा देश में कई ऐतिहासिक धरोहरे हैं।

 

 

इस स्मारक में लगने वाले शिवाजी महाराज के पुतले की ऊंचाई घोड़े समेत 192 मीटर है। घोड़े पर बैठे हुए छत्रपती शिवाजी महाराज के पुतले की उंचाई 114.4 मीटर है। ये स्मारक करीब 13 हेक्टेयर के चट्टान पर बनाया जाएगा।

यहां एक समय में 10 हजार लोग एक साथ आ सकते हैं। इस स्मारक पर एक एम्पीथिएटर, मंदिर, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी, ऑडियो गायडेड टूर, थ्री डी-फोर डी फिल्म, एक्वेरियम जैसी सुविधाए होंगी। परियोजना की कुल लागत 3600 करोड़ रुपए है, जिसमें से पहले चरण की लागत 2500 करोड़ रुपए होगी।

 

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रायगढ़ जिले में एमआईडीसी पटलगंगा में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन संस्थान के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन किया वहां देश के आर्थिक हालात पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट का समय है, विश्व में सर्वोच्च वृद्धि के अनुमान के साथ भारत को एक प्रकाशपुंज की तरह देखा जा रहा है।'

Share |