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विदेश

चीन के पहले एयरक्राफ्ट कैरियर ने अब साउथ कोरिया के पास यलो सी में की ड्रिल, US से तनाव के बीच कहा- आगे भी दिखाते रहेंगे ताकत

बीजिंग. चीन के पहले एयरक्राफ्ट कैरियर लियोनिंग (Liaoning) ने अब साउथ कोरिया के पास यलो सी में फाइटर ड्रिल्स की हैं। जिसमें कई डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स ने भी हिस्सा लिया। बता दें कि बीजिंग और वॉशिंगटन के बीच ताइवान और विवादित साउथ चाइना सी को लेकर तनाव हाल के दिनों में काफी बढ़ गया है। चीन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि लियोनिंग कैरियर ग्रुप का एक्सरसाइज शेड्यूल इस एरिया में आगे भी जारी रहेगा। चीन की इन ड्रिल्स को ताकत की आजमाइश माना जा रहा है। इससे पहले चीन ने कोरियन पेनिनसुला के पास बोहाई सी में लाइव एम्युनिशन ड्रिल की थी। J-15 फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स भी शामिल हुए...
 
 
- चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी एक रिपोर्ट में मिलिट्री ऑफिशियल्स के हवाले से इस एक्सरसाइज का खुलासा किया है।
- रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट कैरियर लियोनिंग, ड्रेस्टॉयर्स और फ्रिगेट्स पिछले हफ्ते से ही ट्रेनिंग और टेस्टिंग मिशन पर थे।
- इस नेवल एक्सरसाइज में कई J-15 फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स भी शामिल हुए।
- चीन की मिलिट्री ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा, " अमेरिका के साथ तनाव के बीच हमारे पहले एयरक्राफ्ट ग्रुप ने यलो सी में फाइटर लॉन्च, रिकवरी और एयर कॉम्बैट एक्सरसाइज की सीरीज चलाई।"
- यलो सी ईस्ट चाइना सी के नॉर्थ में और साउथ कोरिया के पास है। यह पैसिफिक ओशन का इनलेट (घुसने का रास्ता) भी है। यह चीन के वेस्ट-नॉर्थ और कोरियन पेनिनसुला (प्रायद्वीप) के बीच है।
 
क्या है J-15 जेट और एयरक्राफ्ट कैरियर लियोनिंग?
- J-15 चीन का नया फाइटर जेट है, जिसे एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक से उड़ान भरने के लिए और डेवलप किया जा रहा है।
- लियोनिंग 2012 में कमीशंड हुआ था जिसके बाद से अब तक इसने कई ट्रेनिंग और टेस्ट शेड्यूल पूरे किए हैं। इस पर करीब 30 प्लेन तैनात किए जा सकते हैं।
 
PLA की देखरेख में हुई एक्सरसाइज
- बीते शुक्रवार को कई J-15 जेट ने लियोनिंग से उड़ान भरी और अपने एसाइनमेंट पूरे किए। 
- J-15 ने यलो सी में उड़ान के दौरान ही फ्यूल भरा और हवा में ही मुकाबले की एक्सरसाइज की। 
- यह पूरी ट्रेनिंग पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के नेवी कमांडर वू शेंगली की देखरेख में चली। 
- शेंगली ने कहा, "इस ट्रेनिंग से अलग-अलग वेसल्स के बीच तालमेल को मजबूती मिलेगी और उनकी कैपेबिलिटी भी बढ़ेगी।"
- चीनी मीडिया ने कहा है कि इस एक्सरसाइज के लिए नेवी ने अपने एनुअल प्लान के मुताबिक नॉर्मल तैयारी की थी।
 
बोहाई सी में लाइव एम्युनिशन ड्रिल की थी
- यलो सी में एक्सरसाइज से पहले चीन ने मिड दिसंबर में ही कोरियन पेनिनसुला (कोरियाई प्रायद्वीप) के पास बोहाई सी में कोस्टल वाटर्स में लाइव एम्युनिशन ड्रिल की थी।
- बोहाई सी ड्रिल में लियोनिंग समेत 10 वॉरशिप्स और 10 एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया था। उसमें कई एयर टू एयर, एयर टू शिप और शिप टू एयर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।
- चीन की सरकारी टीवी चाईनीज सेन्ट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) ने कहा था, "ऐसा पहली बार हुआ कि चीन की किसी ड्रिल में प्लेन स्क्वाड्रन ने सैनिकों के साथ बमबारी की प्रैक्टिस की।"
- लियोनिंग के कमांडर रियर एडमिरल छेन यूकी ने कहा था, "यह एक्सरसाइज यूनिट के लिए मील का पत्थर है।"
 
अमेरिका ने लगाया था आरोप
- बता दें कि अमेरिका ने हाल ही में यह आरोप लगाया था कि साउथ चाइना सी के आर्टीफीशियल आईलैंड्स पर चीन एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी मिसाइल सिस्टम तैनात कर रहा है।
- हालांकि, बीजिंग का कहना है कि बोहाई सी के जिस हिस्से में एक्सरसाइज की गई थी, उस पर चीन के अलावा किसी और देश का दावा नहीं है।
 
यूएस का ड्रोन जब्त करने से बढ़ा तनाव
- अमेरिका और चीन के बीच तनाव की 2 अहम वजहें हैं। पहला- ताइवान मुद्दा, दूसरा-साउथ चाइना सी मुद्दा
- मिड दिसंबर में साउथ चाइना में चीन ने एक अमेरिकी ड्रोन जब्त कर लिया था, जिसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया।
- माना जा रहा है कि ड्रोन विवाद से दोनों देशों के डिप्लोमैटिक रिलेशन अपने सबसे बुरे दौर में पहुंच गए हैं।
- एक्सपर्ट का कहना है, "ड्रोन को जब्त करना दोनों देशों के बीच बेहद अहम मिलिट्री घटना है। इससे पहले 2001 में यूएस नेवी का सर्विलांस एयरक्राफ्ट और चीन का एक फाइटर जेट टकराए थे, जिसमें चीनी पायलट की मौत हो गई थी।"
- अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था, "चीन ने हमारा ड्रोन चुरा लिया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, ड्रोन को चीन ही रख ले, हमें वापस नहीं चाहिए।" 
- जिसके बाद चीन ने ड्रोन को अमेरिका को लौटा दिया था।
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