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देश

तस्वीर हो गई पूरी तरह साफ


लखनऊ। मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के बीच मंगलवार को हुई मीटिंग के बाद उम्‍मीदें जागी थीं कि शायद सुलह हो जाए लेकिन ऐसा लगता नहीं। इसके बाद मुलायम सिंह ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने दोपहर में शिवपाल यादव के साथ पार्टी दफ्तर पहुंचकर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ना तो हम नई पार्टी बना रहे हैं और ना ही चुनाव चिन्‍ह बदल रहे हैं। वो लोग (अखिलेश गुट) दूसरी पार्टी बना रहे हैं। रामगोपाल का नाम लेते हुए मुलायम ने कहा कि उन्‍होंने चुनाव आयोग को लिखकर दिया है कि उन्‍हें नया नाम और मोटर साइकिल चुनाव चिन्‍ह चाहिए। उनकी नई पार्टी का नाम अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी रखने की मांग की है। मुलायम ने आगे कहा कि मैंने उनसे कहा विवाद में मत पड़ो हम पार्टी में एकता चाहते हैं। मैं गया था दिल्‍ली ताकि हमारी पार्टी की एकता में कोई बाधा ना डाल पाएं, हमने पार्टी की एकता के लिए पूरा समय दिया है। आपकी चिंता स्‍वाभाविक है क्‍योंकि समाजवादी पार्टी संघर्ष से बनी है। मेरे पास जो है वो देश का है और मेरे पास है क्‍या? आप सब ही तो हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि बहुत मेहनत से पार्टी खड़ी की है तब पार्टी बनी जेलो में गए लाठियां खाएं तब खड़ी हुई है पार्टी। कौन पार्टी तोड़ रहा है सबको पता है एक आदमी है। आप लोगों ने तकलीफ झेली है परिवार भी छोड़ा अपने बारे में क्या कहूं कितनी बार जेल जाना पड़ा। मैं और शिवपाल दोनों कितनी बार जेल गए आप सबको पता है, शिवपाल रात को छुप जाता था दिन में प्रचार करता था। मुलायम ने रामगोपाल पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि मैं उसके लड़के बहू को बचा लेता अगर मुझसे कहता लेकिन गलत जगह जाकर सहायता क्यों मांग रहा है। रामगोपाल यादव दूसरी पार्टी के अध्यक्ष से चारबार मिले ।अगर हमसे कहते तो उनके बहु बेटे को बचा लेते मगर गलत हाथों में खेल रहे हैं। समर्थकों को संबोधित करने के बाद मुलायम सिंह दिल्‍ली के लिए रवाना हो गए। इससे पहले विवाद सुलझाने के लिए लालू यादव ने भी अखिलेश से फोन पर बात की लेकिन निराशा हाथ लगी।सपा के चुनाव चिन्‍ह को लेकर दोनों पक्षों के दावों पर चुनाव आयोग 13 जनवरी को फैसला लेगा और अगर मुलायम के हाथ से साइकिल चली गई तो फिर उनका सहारा लोकदल का हल जोतता किसान बन सकता है।खबर है कि लोकदल के नेता सुनील सिंह से इसे लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है और अगर आयोग ने साइकिल चुनाव चिन्‍ह को सीज किया तो लोकदल के चुनाव चिन्‍ह पर मुलायम चुनाव मैदान में उतरेंगे।इससे पहले मंगलवार को बाप-बेटे के बीच हुई मुलाकात में कोई बात नहीं बनी। दोनों की पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बने रहने पर अड़े रहे। अख‍िलेश का कहना था कि वो चुनाव तक इस कुर्सी पर रहेंगे और फिर इसे पिता को लौटा देंगे लेकिन मुलायम का कहना था कि उन्‍हें इतना सम्‍मान तो मिलना चाहिए कि वो राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बने रहें। हालांकि बैठक से एक दिन पहले ही मुलायम ने कहा था कि अखिलेश ही पार्टी के सीएम उम्‍मीदवार होंगे लेकिन अख‍िलेश अब इससे मानने वाले नहीं और वो पूरा चुनाव अपने तरीके से लड़ना चाहते हैं।

 

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