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इंदौर

अब उनसे डरते हैं गांववाले

अब उनसे डरते हैं गांववाले

इंदौर। बीस साल पहले हालात यह थे कि घर की चहारदीवारी से बाहर झांकने में भी मन सकुचाता था। पुरुष शराब पीकर हंगामा करते तो घबराकर दरवाजा बंद कर कैद हो जाते थे। एक घटना ने ऐसी हिम्मत दी कि अब मन से डर कोसों दूर निकल गया, उलटे गांव में अपने कामों की ऐसी छाप छोड़ी कि गांववाले गलत काम करने से डरने लगे।
यह कहानी है महू के छोटे से गांव यशवंत नगर की 50 वर्षीय मासूम बी की। बुधवार को महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण विभाग ने उन्हें अच्छे कार्य के लिए सम्मानित किया। संतोष सभागृह में आयोजित सम्मान समारोह में अलग-अलग क्षेत्र में जागरूकता फैला रही 10 महिलाओं को सम्मानित किया गया। मासूम बी बीस साल से गांव में जागरूकता के लिए काम कर रही हैं। शराबबंदी करवाने के अकेले शुरू किए गए अभियान में अब 500 से ज्यादा महिलाओं का साथ जुड़ चुका है।

उन्होंने गांव से न सिर्फ अवैध शराब की बिक्री बंद करवाई, बल्कि गांव में शराब पीकर हंगामा करने वाले पुरुषों को जेल की हवा खिलवा दी। महिलाओं पर अत्याचार हो या बच्चों की पढ़ाई का सवाल, मासूम बी की फौज उनकी मदद करने तुरंत पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि कुछ बदमाश घर में लूट के इरादे से घुस आए थे, उस समय उन्होंने उनका डटकर मुकाबला किया और इतना शोर मचाया कि सैकड़ों लोग जमा हो गए। उनकी जमकर धुनाई की। उस दिन से जिंदगी में सोचने का तरीका बदल गया। तब से हर किसी को यही सीख दे रही हूं कि डर गए तो यह समाज जीने नहीं देगा। आवाज उठाना जरूरी है।
शहर में चलने वाले कचरा वाहनों के लिए पहली बार महिला ड्राइवरों की नियुक्ति की गई है। इनमें शामिल सीमा ठाकुर, शहनाज शाह, सावजी विश्वकर्मा, पूर्णिमा देवरे, सोनिया ठाकुर को भी महिला सशक्तिकरण विभाग ने सम्मानित किया। हालांकि कचरा कलेक्शन का समय होने से वे समारोह में नहीं पहुंचीं, लेकिन विभाग ने उनका विशेष सत्कार करवाया। महिला ड्राइवरों ने बताया पहले लगा था कि लोग मजाक उड़ाएंगे, लेकिन हमें देखकर लोग गर्व करते हैं कि महिलाएं किसी भी तरह का काम करने में पीछे नहीं हैं।
पद्मश्री जनक पलटा ने कहा बेटे संस्कारित होंगे तो महिलाओं के सशक्तिकरण की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। बचपन से लड़कों को लड़कियों और महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा देना होगी। जस्टिस वीएस कोकजे, जिला पंचायत अध्यक्ष कविता पाटीदार, संयुक्त संचालक राजेश मेहरा, डॉ. सविता इनामदार विशेष अतिथि थे। उपसंचालक (महिला सशक्तिकरण) डॉ. मंजुला तिवारी ने महिला अधिकारों और किशोरियों की शिक्षा के बारे में जागरूक किया।

 

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