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अपनी संपत्तियों के बारे में सच बताएंगे या नहीं

अपनी संपत्तियों के बारे में सच बताएंगे या नहीं
नई दिल्ली। शराब करोबारी विजय माल्या के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पूछा है कि क्या वे कोर्ट के सामने अपनी संपत्तियों के बारे में सच बताएंगे या नहीं। गौरतलब है कि शराब कारोबारी माल्या फिलहाल लंदन में हैं।
माल्या पर एसबीआई, पीएनबी, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, फेडरल बैंक और एक्सिस बैंक का 9000 करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे में बैंक एसोसिएशन ने एक याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह विजय माल्या को निर्देश दे कि डिएगो द्वारा हासिल 40 मिलियन डॉलर को भारत लाएं।

बैंक एसोसिएशन ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि अगर वह पैसे को वापस भारत नहीं लाते हैं, तो व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश हो। बैंक एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर को बच्चों के अकाउंट में ट्रांसफर किया है और उसका एक ट्रस्ट बना रखा है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और दूसरे बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि शराब कारोबारी ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर को बच्चों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। बैंकों ने डील से मिले 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर को सुप्रीम कोर्ट में जमा कराने की मांग की थी।

बताते चलें कि माल्या की दो आलीशान संपत्तियों की नीलामी के लिए सात मार्च को भी कोई खरीदार सामने नहीं आया। मुंबई में किंगफिशर हाउस तथा गोवा में किंगफिशर विला को बेचने के लिए एक बार फिर नीलामी की गई। लेकिन यह प्रयास भी विफल रहा। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम ने दोनों संपत्तियों के लिए आरक्षित मूल्य में 10 फीसद की कटौती की थी। बावजूद इसके कोई खरीदार सामने नहीं आया।

 

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